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एक आम आदमी ..........जिसकी कोशिश है कि ...इंसान बना जाए

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सोमवार, 21 मई 2012

मंत्री जी ध्यान दें ......



जैसा कि आप सब जानते हैं , कि एक आम आदमी की लडाई के रूप में मैंने ये मुहिम शुरू की हुई है और इसके तहत मैं , सरकार , प्रशासन , मंत्रियों , विभागों , अधिकारियों , सबको अलग अलग मुद्दों , समस्याओं , सुझावों से संबंधित पत्र लिखता हूं और उन्हें प्रेषित करता हूं । उन पत्रों की स्कैन प्रति यहां दो उद्देश्यों के लिए चस्पा की जाती हैं । पहला तो ये कि सनद रहे कि एक पत्र यहां भी मौजूद है । दूसरा ये कि शायद ऐसी ही कोई चिट्ठी किसी मुझ जैसे आम आदमी को भी ऐसे किसी प्रयास के लिए प्रेरित कर सके क्योंकि एक से दो भले और दो से भले चार ....। आज मंत्री जी का ध्यान खींच रहा हूं , राजधानी दिल्ली में पेय जल के लिए प्याउ और प्रसाधन की घोर कमी की ओर ..हां यही है आज की चिट्ठी





मंगलवार, 31 मई 2011

अमां सुनती हो डीटीसी ......एक चिट्ठी




इन दिनों दिल्ली में डीटीसी नई वातानुकूलित बसों ने बलखा बलखा कर चलकर ब्लू लाईन की तो चलती ही बंद कर दी है । ये अलग बात है कि इन दिनों एसी लगातार बंद रखने के कारण , और शीशे पैक होने से लोगों को उसमें ब्लू लाईन की ही नहीं कई बार तो काले पानी की सजा सा फ़ील होने लगता है , लेकिन यहां तो इस चिट्ठी में मैंने डीटीसी को कुछ याद दिलाना चाहा है , देखता हूं कि मंत्री जी पढके क्या कहते करते हैं






और हां इस चिट्ठी को पढकर आप ये तो समझ ही गए होंगे कि , आपको अब कहीं भी किसी तरह की शिकायत होने पर वहां शिकायत पुस्तिका मांग कर उसपर अपनी शिकायत करने की पहल करनी होगी .। आधी लडाई तो यहीं जीत जाएंगे आप हम । चलिए मैं इस विषय पर अपने इस ब्लॉग पर आपसे कुछ कहता हूं ....फ़िलहाल इज़ाज़त 

शुक्रवार, 6 मई 2011

एक चिट्ठी ..........एक नया ब्लॉग


कल जब इस पोस्ट पर   मैंने लिखा था कि एक बार फ़िर से मैं एक आम आदमी की एक नई मुहिम शुरू करने जा रहा हूं , यानि एक चिट्ठी रोज़ , किसी न किसी मुद्दे पर , किसी न किसी समस्या पर , कोई सुझाव, सलाह ,शिकायत के रूप में सरकार और प्रशासन के लिए लिखी जाएगी तो मुझे बहुत सी प्रतिक्रियाएं मिलीं । मैं आश्वस्त हूं कि इन पर देर से ही सही मगर कार्यवाहियों की शुरूआत होती है । उसी पोस्ट पर आदरणीय समीर जी ने टिप्पणी दी कि

Udan Tashtari ने कहा…
अच्छा विचार है, जारी रखिये. एक नया ब्लॉग खोल कर उस पर रोज पत्र स्कैन करके भी लगाते रहे....बाद में अपडेट करने के काम भी आयेगा यदि कार्यवाही होती है या जबाब आता है. पत्र में उस ब्लॉग पते का जिक्र भी करें ताकि उन्हें पता रहे कि बात जग जाहिर है.
  तो उनकी सलाह मुझे रुच गई और इस नए ब्लॉग का जन्म हुआ ....नाम है एक चिट्ठी । यूं तो मैं नियमित रूप से इसमें अपनी लिखी चिट्ठियों को शामिल करता रहूंगा , किंतु आप सब भी सादर आमंत्रित हैं । पत्र की स्कैन प्रति मुझे प्रेषित कर सकते हैं ...तो आज की चिट्ठी ये रही