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सोमवार, 21 मई 2012

मंत्री जी ध्यान दें ......



जैसा कि आप सब जानते हैं , कि एक आम आदमी की लडाई के रूप में मैंने ये मुहिम शुरू की हुई है और इसके तहत मैं , सरकार , प्रशासन , मंत्रियों , विभागों , अधिकारियों , सबको अलग अलग मुद्दों , समस्याओं , सुझावों से संबंधित पत्र लिखता हूं और उन्हें प्रेषित करता हूं । उन पत्रों की स्कैन प्रति यहां दो उद्देश्यों के लिए चस्पा की जाती हैं । पहला तो ये कि सनद रहे कि एक पत्र यहां भी मौजूद है । दूसरा ये कि शायद ऐसी ही कोई चिट्ठी किसी मुझ जैसे आम आदमी को भी ऐसे किसी प्रयास के लिए प्रेरित कर सके क्योंकि एक से दो भले और दो से भले चार ....। आज मंत्री जी का ध्यान खींच रहा हूं , राजधानी दिल्ली में पेय जल के लिए प्याउ और प्रसाधन की घोर कमी की ओर ..हां यही है आज की चिट्ठी





शनिवार, 5 मई 2012

आज की चिट्ठी ......मंत्री जी ध्यान दें



जैसा कि आप जानते हैं कि , ये ब्लॉग उन चिट्ठियों का ई दस्तावेजीकरण है जिन्हें मैं समय समय पर सरकार , उनके प्रतिनिधि , विभिन्न संस्थानों , निकायों , अधिकारियों के नाम लिखता रहता हूं जो कि एक आम नागरिक के रूप में मेरा फ़र्ज़ है । स्थानीय समस्याओं से लेकर नागरिक जीवन के बहुत से मुद्दों पर सलाय और उपाय से लेकर कुछ भी और सब कुछ


आज की चिट्ठी , मुख्यमंत्री दिल्ली सरकार के नाम



सोमवार, 13 जून 2011

जरा धर लो इन बाबा जी को ..ए दरोगा जी ...आज की चिट्ठी










आदरणीय मुख्यमंत्री महोदया,



                     सादर नमस्कार । इस पत्र के माध्यम से आपका ध्यान राजधानी दिल्ली में पनपती एक खास  समस्या की ओर दिलाना चाहता हूं ।

राजधानी दिल्ली के विभिन्न आवासीय क्षेत्रों में तंत्र -मंत्र , झाड फ़ूंक , आदि के सहारे अंधविश्वास फ़ैला कर भोले-भाले निरक्षर लोगों को ठगने-लूटने वाले लोग तथा गिरोह बढते जा रहे हैं । आश्चर्य व दु:ख की बात ये है कि इनका ये सारा तामझाम और कारोबार कहीं भी ढका-छिपा नहीं है । बल्कि इसके लिए बाकायदा पत्र -पत्रिकाओं में इश्तहार और विज्ञापन तक देखर लोगों को फ़ंसाया जाता है ।


ये तमाम तंत्रमंत्र /काले जादू /झाड फ़ूंक के कार्यों में लिप्त लोग न सिर्फ़ लोगों को फ़ंसा कर उन्हें लूट व ठक लेते हैं बल्कि अक्सर ही हत्या/बलि/यौन शोषण तक जैसे गंभीर अपराधों में इनकी संलिप्तता होती है । अत: आपसे संबंधित अधिकारियों , विभागों एवं पुलिस अधिकारियों को इस बाबत निर्देश जारी किए जाएं । किसी भी समाज के लिए ये गंभीर व चिंताजनक बात है । उम्मीद है कि इस पर यथाशीघ्र ध्यान देंगी।
                                  

                                                                                             अजय कुमार झा 
                                                                                                        11/248, गीता कॉलोनी
                                                                                                          दिल्ली -110032                                                       
नोट :- इस पत्र की स्कैन कॉपी आम लोगों 
के सूचनार्थ http://ekchitthi.blogspot.com पर 
लगा दी गई है ।                                                 

सोमवार, 16 मई 2011

आज की चिट्ठी



चिट्ठी को और बडा करके पढने के लिए आप उस पर चटका लगा कर बडा कर सकते हैं